कार्यकारी-अधिकारियों-का-प्रोफाइल

कार्यकारी अधिकारियों का प्रोफाइल

अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, श्री एस. डी. सिंह

श्री एस. डी. सिंह ने  बी आई टी, सिंदरी, धनबाद से 1984 सन में केमिकल इंजीनियरी  की स्नातक  उपाधि ली । उन्होने 1985  में भारतीय खनन्  संस्थान , धनबाद , से खनन् इंजीनियरी में स्नातकोत्तर डिप्लोमा की उपाधि हासिल की । उन्होने नवम्बर,1985 में प्रबंधन प्रशिक्षणार्थी के रूप में हिंदुस्तान फर्टिलाइजर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एच एफ सी एल) के बरौनी इकाई में कर्म जीवन की शुरुआत की और जनवरी, 2002 में नामरूप फर्टिलाइजर इकाई में योगदान किया । एच. एफ. सी. एल. और बी. वी. एफ. सी. एल. में 32 वर्षों के अपने कार्यकाल के दौरान  उन्होंने  सामग्री प्रबंधन के अंतर्गत ख़रीद, भंडार , मालसूची नियंत्रण , परिवहन एवं निपटान आदि विषयों पर काफी अनुभव प्राप्त  किया ।  उन्होंने ई-खरीद को लागू करने, खरीद मैनुअल की  तैयारी करने और बीवीएफसीएल के पूर्व योग्य विक्रेताओं का डेटाबेस  को अद्यतन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाया । श्री सिंह ने 01.10.2012 से बी. वी. एफ. सी. एल. के निदेशक (उत्पादन) का पद भार ग्रहण किया , साथ ही साथ   01.10.2012 से  अध्यक्ष एवं   प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त भार भी सँभाला  ।  वे अब 29/09/2017 से कम्पनी के अध्यक्ष एवं   प्रबंध निदेशक का पद भार ग्रहण कर लिए हैं ।  श्री सिंह भारत के  उर्वरक एसोसिएशन के निदेशक मंडली के एक सदस्य हैं ।

 

 

 

निदेशक (वित्त) , श्री आर. के. चंन्डोक

श्री राजीव कुमार चंन्डोक 19 दिसम्बर, 2016 से कम्पनी के निदेशक (वित्त) पद का अतिरिक्त कार्यभार ग्रहण किया है । पेशे से एक चार्टरित लेखापाल , श्री चंन्डोक उर्वरक और शक्ति क्षेत्र में 22 वर्ष से अधिक काल के विशाल अनुभव से निविष्ट हैं ।

श्री चंन्डोक वर्तमान नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड के निदेशक (वित्त) पद पर कम्पनी के वित्त तथा लेखा कार्यों के समग्र प्रभारी हैं , और इनसे सम्बंधी नीतिओं को विकसित तथा सूत्रित करना और नीतिओं के कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार हैं । वित्तीय योजना, बजट, लागत निर्धारण, बैंक, वित्तीय संस्थान, पूंजी बाजार तथा बाहरी वाणिज्यिक उधारी आदि से संसाधन संग्रहण, वित्तीय नियंत्रण, मासिक/त्रैमासिक/वार्षिक वित्तीय विवरणों की तैयारी और सांविधिक एवं कार्पोरेट मानकों के अनुपालन के लिए भी वे जिम्मेदार हैं । इनके अलावा  वे  कम्पनी सचिवालय , कानूनी विभाग , सूचना प्रौद्योगिकी,  आंतरिक लेखापरीक्षा, और प्रबंधन सेवा कार्यों के भी जिम्मेदार हैं । एक टीम लीडर के रूप में वे टीम सदस्यों को बेहतर विचारों के लिए अक्सर प्रोत्साहित करते हैं जिसके द्वारा उत्पादकता को बढ़ावा मिलता है ।

एन एफ एल से पहले, वे पावर फाइनेंस कार्पोरेशन (पी. एफ. सी.) में महा प्रबंधक (वित्त) के पद पर थे , और, पी. एफ. सी. से पहले वे नेशनेल हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर कार्पोरेशन (एन. एच. पी. सी.) में भी काम किया ।

शक्ति और उर्वरक उद्योगों की विशाल पेशेवर अनुभव से श्री चन्डोक उद्योग से सम्बंधी विभिन्न मुद्दों के साथ परिचित है । उनके नेतृत्व में एन. एफ. एल. विगत 10 साल के दौरान सर्वाधिक यूरिया उत्पादन , सर्वाधिक कराधान से पूर्व लाभ तथा अन्य ख्याति अर्जित करने में सफल हुआ है ।

परियोजना मूल्यांकन तकनीक में श्री चन्डोक की विशेषज्ञता उद्योग , प्रबंधन क्षेत्र तथा विभिन्न पेशेवर संस्थान जैसे पी. एम. आई. (PMI) , ए. एस. सी. आई. (ASCI), आई. आई. एफ. टी. (IIFT), सी. आई. आई. (CII), फिक्की (FICCI) में मान्यता प्राप्त है । उन्होने भारत और विदेश में विशेष रूप में परियोजना वित्तपोषण, जोखिम विश्लेषण और नेतृत्व पर आयोजित विभिन्न पेशेवर कार्यक्रम में अंश ग्रहण किया है ।

मुख्य सतर्कता अधिकारी, श्री प्रभास कुमार

श्री प्रभास कुमार (1988 आई.डी.एस.ई.) रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के उर्वरक विभाग में एक निदेशक के रूप में प्रतिनियुक्त हैं । वे वर्तमान बी वी एफ सी एल के मुख्य सतर्कता अधिकारी के अतिरिक्त भार संभाल रहे हैं ।

 

 

 

 

 

 

 

उप सचिव (बजट), उर्वरक विभाग , श्री एस. एम. गुप्ता

श्री एस. एम. गुप्ता  केंद्रीय सचिवालय सेवा (सीएसएस) के अधिकारी हैं और वर्तमान में वे  उर्वरक विभाग में उप सचिव (बजट) के पद पर नियुक्त हैं । उन्होंने जीव-विज्ञान, वनस्पति- विज्ञान और रसायन विज्ञान के साथ स्नातक उपाधि प्राप्त की । इसके अलावा, उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ से फ्रेंच भाषा में प्रवीणता के साथ साथ  विदेश मामलों और कूटनीति में डिप्लोमा की उपाधि ली हैं ।

श्री गुप्ता उर्वरक विभाग में उप सचिव के पद पर नियुक्त  होने से पहले रक्षा मंत्रालय, खाद्य और सार्वजनिक वितरण और वित्त मंत्रालय जैसे विभिन्न मंत्रालयों में कार्य किया है। उन्हें 30 से अधिक सालों का अनुभव है । सर्वप्रथम, वे रक्षा मंत्रालय में  एक रक्षा सार्वजनिक उपक्रम  मझगांव डॉक लिमिटेड के स्थापना विषयों पर और तटरक्षक बल के लिए पूंजी  अधिग्रहण पर काम किया । द्वितीय,  खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय में केंद्रीय पुल के लिए गेहूँ और चावल खरीदने  के लिए नीतिगत मामलों को संभाला और अंत में वित्त मंत्रालय में उन्होंने  सूचना (आर.टी.आई.) अधिनियम, 2005 के लिए काम किया ।

उप सचिव (प्रशासन)उर्वरक विभाग,  श्री राकेश कुमार

एक वाणिज्य स्नातक और उर्वरक विभाग में उप सचिव राकेश कुमार 1987 सन में सी एस एस अधिकारी के रूप में भारत सरकार में योगदान दिये । मानव संसाधन प्रबंधन, राज्य सरकारों / संघ राज्य क्षेत्रों / गैर सरकारी संगठनों के  लिये अनुदान सहायता,  संसदीय मुद्दों, प्रशासनिक मुद्दों, सरकारी खरीदी  आदि विषय पर उनके व्यापक अनुभव है । उर्वरक विभाग में नियुक्त होने से  पहले वे सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण मंत्रालय , आदिवासी मामलों, अनुसूचित जाति / जनजाति के राष्ट्रीय आयोग और  उपभोक्ता मामलों  विभाग में काम किए ।

 

 

 

गैर सरकारी निदेशक, प्रोफ. अलक कुमार बुढ़ागोहांई

श्री अलक कुमार बुढ़ागोहांई डिब्रुगढ़ विश्वविद्यालय के कुलपति हैं । इससे पहले, वे तेजपुर केंद्रीय विश्वविद्यालय में पंजीयक और उसी प्रतिष्ठान में अणु- जीवविज्ञान और जीव प्रौद्योगिकी विभाग में प्राध्यापक पद पर थे । वे तेजपुर केंद्रीय विश्वविद्यालय के अणु- जीवविज्ञान और जीव प्रौद्योगिकी विभाग के संस्थापक प्रधान थे । शिलांग के सैईंट एंठोनी कॉलेज से उन्होंने विज्ञान स्नातक उपाधि ली, और, गुवाहाटी विश्वविद्यालय से वनस्पति- विज्ञान में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की । लंडन के ईम्पीरियल कॉलेज के  जीवविज्ञान एवं प्रायोगिक जीवविज्ञान विभाग से उन्होंने पी.एच.डी. की उपाधि अर्जन की ।

प्रोफेसर बुढ़ागोहांई पिछले तीन दशक से शिक्षण और अनुसंधान में लगे हुए हैं । उनकी रूचियां हैं – प्राकृतिक उत्पादों से क्षय रोग के दवा की खोज, बैक्तीरियल विकासवादी जीनोमिक्स और नेनोवायो सामग्री।

विभिन्न पत्रिका तथा पुस्तक में उनके कई लेखा प्रकाशित हुए हैं । कुलपति के रूप में डिब्रुगढ़ विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा और अनुसंधान की गुणवत्ता को बढ़ाने पर उनकी सोच केंद्रित है ।

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